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निहिलेंट ने एआई आधारित भावनाओं को पहचानने और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर बनाने वाला ऐप nSEPIA लॉन्च किया
इमोस्केप™️ द्वारा संचालित nSEPIA ऐप उपयोगकर्ता की भावनाओं को तुरंत समझने में मदद करता है और उनकी भावनाओं को संतुलित रखने के लिए व्यक्तिगत सुझाव देता है।
मुंबई, 30 अगस्त 2026: ग्लोबल टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग सेवाएं देने वाली कंपनी निहिलेंट लिमिटेड ने आज nSEPIA के लॉन्च की घोषणा की। यह एआई तकनीक पर आधारित ऐसा ऐप है, जो लोगों की भावनाओं को पहचानने और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह ऐप उपभोक्ताओं द्वारा दैनिक उपयोग के लिए बनाया गया है। nSEPIA लोगों को उनकी वर्तमान भावनात्मक स्थिति समझने में मदद करता है। इसके बाद मन की भावनाओं को बेहतर और संतुलित रखने के लिए ऐप व्यक्ति के अनुसार सही उपाय सुझाता है। यह ऐप दुनियाभर में एंड्रॉइड और आईओएस पर डाउनलोड किया जा सकेगा।
nSEPIA का इस्तेमाल करना बहुत आसान है—अपनी भावना को समझें, उसके अनुसार कदम उठाएं और फिर बदलाव को महसूस करें। इस ऐप में यूजर को ढेर सारे वैयक्तिकृत कंटेंट में से अपनी जरूरत का विकल्प चुनने के लिए नहीं कहा जाता। इसके बजाय, nSEPIA सबसे पहले उस समय व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति को समझता है और फिर उसके अनुसार सही सुझाव देता है।
इसका अनुभव डिवाइस के कैमरे के जरिए एक छोटे और आसान इंटरैक्शन से शुरू होता है। इसमें किसी तरह की परेशानी या असुविधा नहीं होती। इमोशन एआई तकनीक की मदद से nSEPIA चेहरे और आंखों के आसपास होने वाली हल्की गतिविधियों के साथ-साथ सिर और शरीर के ऊपरी हिस्से की गतिविधियों का विश्लेषण करता है। इससे ऐप यूजर की भावनात्मक स्थिति को समझने की कोशिश करता है। यूजर की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह पूरी प्रक्रिया डिवाइस पर ही की जाती है। इसके बाद nSEPIA व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति के अनुसार संगीत, श्वास अभ्यास, योग और ध्यान जैसे विकल्पों में से व्यक्तिगत सुझाव देता है।
सुझाई गई गतिविधि को करने के बाद यूजर अपनी भावनात्मक स्थिति को दोबारा जांच सकता है और उसमें आए बदलाव को देख सकता है। इससे भावनाओं को समझने, उनके अनुसार सही कदम उठाने और फिर बदलाव पर विचार करने का एक लगातार सिलसिला बनता है। इससे लोगों को सिर्फ अपनी भावनाओं को बताने के बजाय, उन्हें बेहतर तरीके से समझने और जागरूक होकर उन पर काम करने में मदद मिलती है।
यही विचार nSEPIA के “इमोशन्स. इन बैलेंस.” यानी “भावनाएं संतुलन में” संदेश में बताया गया है।
nSEPIA के लॉन्च के बारे में निहिलेंट लिमिटेड के फाउंडर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एल.सी. सिंह ने कहा, “हमने कई सालों से यह समझने की कोशिश की है कि हमारी भावनाएं हमारे सोचने, फैसले लेने, दूसरों से जुड़ने और जीवन जीने के तरीके को कैसे प्रभावित करती हैं। nSEPIA इस समझ को रोजमर्रा की जिंदगी में लाता है। यह व्यक्ति को उसी समय अपनी भावनाओं को पहचानने का मौका देता है और केवल उन भावनाओं को महसूस करते रहने के बजाय, संतुलन की ओर बढ़ने के लिए सही कदम उठाने में मदद करता है। इस तरह तकनीक इंसान की सोच या भावनाओं को बदलने का काम नहीं करती, बल्कि उसे खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद करती है। तकनीक को इंसान के लिए अधिक उपयोगी और मानवीय बनाना निहिलेंट के बड़े उद्देश्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
इस पहल के बारे में डॉ. विहंग वाहिया, कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट और प्रोफेसर एमेरिटस ऑफ साइकियाट्री ने कहा, “भावनाएं इंसान के व्यवहार और अच्छे मानसिक स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लेकिन अब तक भावनाओं के प्रभाव को समझना काफी हद तक इस बात पर निर्भर रहा है कि व्यक्ति खुद अपनी भावनाओं को कितना पहचान, समझ और बता सकता है। इसलिए भावनाओं को अधिक सही और निष्पक्ष तरीके से समझने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। निहिलेंट के इस क्षेत्र के काम से जुड़े होने के नाते, यह देखकर खुशी होती है कि nSEPIA के जरिए इस सोच को आगे बढ़ाया गया है। nSEPIA में व्यक्ति की भावनात्मक स्थिति को समझना पहला कदम है। इसके बाद उस व्यक्ति को बेहतर भावनात्मक संतुलन की ओर बढ़ने के लिए उचित मदद और मार्गदर्शन दिया जाता है।”
nSEPIA में आधुनिक तकनीक के साथ भावनाओं को नियंत्रित रखने और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए पारंपरिक ज्ञान और प्रभावी तरीकों का भी इस्तेमाल किया गया है। इसमें संगीत के विकल्प के तौर पर भारतीय शास्त्रीय राग, पश्चिमी सिम्फोनिक संगीत और खास तौर पर तैयार किए गए संगीत शामिल हैं। इसके ध्यान, श्वास अभ्यास और योग से जुड़े अनुभव भारतीय परंपराओं पर आधारित हैं। इनमें बी.के.एस. अयंगर परंपरा से प्रभावित अभ्यास भी शामिल हैं। इन गतिविधियों को संबंधित विशेषज्ञों की सलाह और सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। इसके अलावा, गाइडेड रिफ्लेक्शन के जरिए यूजर अपने मन की भावनाओं को ध्यान से समझने और उन पर विचार करने का एक और तरीका पा सकते हैं।
nSEPIA को ताकत देने वाली तकनीक इमोस्केप ™️ है, जो निहिलेंट का मेडिकल-ग्रेड इमोशन एआई प्लेटफॉर्म है। इमोस्केप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कंप्यूटर विजन और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया है। यह निहिलेंट के अपने पेटेंट से सुरक्षित तकनीकी ढांचे पर आधारित है, जिसकी नींव नाट्यशास्त्र में बताए गए नवरस सिद्धांतों पर है। इस प्लेटफॉर्म की क्षमता को वैज्ञानिक और अकादमिक शोध के जरिए भी परखा गया है। इसका उद्देश्य इंसानी भावनाओं का अधिक निष्पक्ष तरीके से आकलन करना है। जहां इमोस्केप को पेशेवर और संस्थागत इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया है, वहीं nSEPIA इसी भावनाओं को समझने वाली तकनीक को आम लोगों के रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराता है।
nSEPIA के ग्लोबल लॉन्च के जरिए निहिलेंट का उद्देश्य भावनाओं को समझने और उनके प्रति जागरूक होने की प्रक्रिया को रोजमर्रा की जिंदगी में आसान और सभी के लिए सुलभ बनाना है। इसका बड़ा उद्देश्य लोगों को भावनाएं उत्पन्न होते ही उन्हें पहचानने, उन्हें समझकर सही तरीके से संभालने और अपनी भावनात्मक जिंदगी में बेहतर संतुलन बनाने में मदद करना है।


